छत्तीसगढ़ के रायपुर के निवासी 60 वर्षीय बलराम भोई ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि उम्र मात्र एक संख्या है। उन्होंने हाल ही में बहादुरगढ़ में आयोजित 400 मीटर तैराकी प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन करते हुए सिल्वर मेडल जीता। यह उपलब्धि उनकी मेहनत और नियमित अभ्यास का नतीजा है। बलराम का नाम अब भारतीय मास्टर तैराकी टीम में शामिल हो गया है, जो उनके लिए एक नई शुरुआत का संकेत है।

बलराम भोई ने तैराकी में अपनी यात्रा की शुरुआत काफी पहले की थी और उन्होंने हमेशा अपनी फिटनेस पर ध्यान दिया। उनकी इस सफलता ने न केवल उन्हें व्यक्तिगत रूप से फायदा पहुँचाया, बल्कि उन्होंने अपने आसपास के लोगों को भी प्रेरित किया है। इस उम्र में भी उन्‍होंने अपनी मेहनत से यह सिद्ध कर दिया है कि किसी भी लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए कोई उम्र बाधा नहीं है।

भारतीय तैराकी टीम में चयन पाना उनके लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। यह न केवल बलराम के लिए, बल्कि उनके परिवार और उनके समर्थकों के लिए भी गर्व का क्षण है। बलराम का यह प्रयास अन्य वरिष्ठ खिलाड़ियों के लिए एक प्रेरणा बन गया है कि वे भी अपने जुनून को आगे बढ़ा सकते हैं और अपने सपनों को साकार कर सकते हैं।