भारत की सीआईएसएफ ने न्यूक्लियर सेक्टर की सुरक्षा को मजबूत करने के लिए एक नई पहल शुरू की है। इसमें जवानों को साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। एआई और डीपफेक जैसी तकनीकों का उपयोग करने से सुरक्षा बलों को साइबर हमलों का मुकाबला करने में मदद मिलेगी। हरियाणा जैसे राज्यों में जहां न्यूक्लियर प्रोजेक्ट्स हैं, वहां इस पहल का खास महत्व है।
हरियाणा के फतेहाबाद और अन्य जिलों में न्यूक्लियर ऊर्जा के कई महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट्स चल रहे हैं, और यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि इनकी सुरक्षा को कोई खतरा न हो। सीआईएसएफ के जवान एआई और डीपफेक तकनीकों के बारे में जानेंगे, जो आधुनिक साइबर खतरों को रोकने में सहायक होंगी। इससे न केवल सुरक्षा में सुधार होगा, बल्कि स्थानीय युवाओं के लिए भी रोजगार के नए अवसर उत्पन्न होंगे।
इस पहल के माध्यम से सीआईएसएफ ने यह स्पष्ट कर दिया है कि वे न्यूक्लियर क्षेत्र की सुरक्षा को प्राथमिकता दे रहे हैं। देश में साइबर हमलों की बढ़ती संख्या के बीच, यह कदम काफी महत्वपूर्ण साबित हो सकता है। हरियाणा के लोग इस दिशा में सीआईएसएफ और सरकारी उपायों की सराहना कर रहे हैं।
सीआईएसएफ का नया कदम: साइबर सुरक्षा में जवानों को मिलेगा प्रशिक्षण
सीआईएसएफ ने न्यूक्लियर सेक्टर की सुरक्षा के लिए साइबर खतरों से निपटने की योजना बनाई है। जवानों को एआई और डीपफेक जैसी तकनीकों पर विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। यह कदम हरियाणा के लोगों के लिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि क्षेत्र में न्यूक्लियर ऊर्जा से जुड़े कई प्रोजेक्ट्स चल रहे हैं। इस प्रशिक्षण से न केवल सुरक्षा में सुधार होगा, बल्कि रोज़गार के नए अवसर भी आएंगे।
स्रोत: Amar Ujala