पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले में भारत-बांग्लादेश की अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास बीएसएफ ने गंगा नदी में डूब रहे 10 बांग्लादेशियों को सफलतापूर्वक बचाया। इस रेस्क्यू में 30 दिन का एक बच्चा और तीन महिलाएं शामिल थीं। यह गंभीर घटना शनिवार शाम को खंडुआ बॉर्डर पोस्ट के निकट हुई। बीएसएफ की 71वीं बटालियन के जवानों ने फौरन स्पीडबोट से बचाव अभियान शुरू किया।

राहत पाने वाले लोगों ने बताया कि वे बांग्लादेश के चपाई नवाबगंज से जोहरपुर की ओर जा रहे थे। अचानक उनकी नाव पलट गई और वे तेज धारा में बहने लगे। मानसून के दौरान गंगा की गहराई कई इलाकों में 100 फीट तक पहुंच जाती है, जिससे छोटी और टूटी-फूटी नावें पलटना आम बात है। इस समय गंगा की धार तेज होती है, जिससे नदी पार करना खतरनाक हो जाता है।

बीएसएफ जवानों ने सभी को सुरक्षित निकालने के बाद प्राथमिक उपचार दिया। इसके बाद उन्हें नजदीकी सरकारी अस्पताल में ले जाया गया, जहां उनकी हालत स्थिर है। सूचनाओं के अनुसार, बचाए गए सभी बांग्लादेशियों को बाद में बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश (BGB) के अधिकारियों को सौंप दिया गया।

भारत और बांग्लादेश के बीच समन्वित सीमा प्रबंधन योजना (CBMP) के तहत दोनों पक्ष एक साथ मिलकर सीमा शांति बनाए रखने और आपात स्थिति में सहायता करते हैं। खासकर मानसून में, जब गंगा का जलस्तर बढ़ जाता है और बचाव कार्य करना चुनौतीपूर्ण हो जाता है।