अमेरिकी पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रशंसा की है, खासकर जब बात आती है अफीम और अन्य ड्रग्स पर नियंत्रण की। ट्रंप ने कहा कि मोदी की नीतियों ने भारत में ड्रग ट्रैफिकिंग को नियंत्रित करने में मदद की है। इससे यह संकेत मिलता है कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय भारत की ड्रग नीतियों को मान्यता दे रहा है।

हालांकि, इस प्रशंसा के बावजूद, भारत का नाम अभी भी अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स की सूची में मौजूद है। यह सवाल उठता है कि आखिर क्यों? हाल के दिनों में हरियाणा जैसे राज्यों में मादक पदार्थों का सेवन और तस्करी बढ़ती जा रही है। विशेष रूप से, हरियाणा के यमुनानगर और फतेहाबाद में युवाओं के बीच ड्रग्स का सेवन एक गंभीर समस्या बनता जा रहा है।

यह स्थिति चिंताजनक है क्योंकि सरकारी उपायों के बावजूद, ड्रग्स की तस्करी और उपयोग में कमी नहीं आ रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि स्थानीय प्रशासन और समाज को मिलकर इस मुद्दे पर काम करने की आवश्यकता है।

अंततः, जब तक भारत में नीतियों का कड़ाई से पालन नहीं किया जाता और स्थानीय स्तर पर जागरूकता नहीं बढ़ाई जाती, तब तक ड्रग्स की समस्या बनी रहेगी। ट्रंप की प्रशंसा सकारात्मक संकेत है, लेकिन इसके साथ ही भारत को अपने आंतरिक मुद्दों पर भी ध्यान देने की जरूरत है।